इस बार शनि अमावस्या पर 250 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग

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शनि अमावस्या पर इस बार विशेष संयोग सहित कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। शनि अमावस्या इस बार 15 मई 2018 (मंगलवार) को पड़ रही है। ज्योतिषी पंडित धनंजय पाण्डेय के अनुसार इस शनि अमावस्या का विशेष महत्व है। क्योंकि इस बार कई दुर्लभ संयोग एक साथ बन रहे हैं। इस शनि अमावस्या के दिन सर्वार्थसिद्धि योग, वट सावित्री, भौमवती अमावस्या और शनि जयंती का का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या भी पड़ रही है। शनि जयंती के अवसर पर शनि हमेशा वक्री अवस्था में होते हैं। इस बार शनि जयंती पर दुर्लभ योग बन रहे हैं। हनुमान जी को समर्पित मंगलवार के दिन शनि जंयती आएगी। इस दिन पर मंगल ग्रह का भी अधिपत्य स्थापित है।

वर्तमान समय में मंगल अपनी उच्च राशि मकर में हैं। शनि जयंती 250 साल बाद इस दिन आई है। आज से पहले 30 मई 1813 में ये मंगलवार को आई थी। तब भी मंगल, केतु के साथ मकर राशि में और राहु कर्क राशि में थे और बुध मेष में थे। 2018 में शनि धनु राशि में वक्री चल रहे हैं। आज से 29 वर्ष पूर्व भी शनि धनु राशि में थे जब शनि जयंती मनाई गई थी।

मंगल के साथ शनिदेव का संबंध समझने योग्य है। मंगल और शनि के बीच वैसे तो वैर भाव रहता है, लेकिन फिर भी शनिदेव हनुमान जी के भक्तों को किसी प्रकार का कष्ट नहीं देते और न ही उनके किसी काम में अडंगा लगाते हैं। आज के दिन संकटनाशक हनुमानष्टक में दिये मंत्रों का भी जाप करना चाहिए।

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