कल यानी सोमवती अमावस्‍या 27 साल बाद पड़ रहा है ये खास योग

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इस बार करीब 27 सालों बाद सोमवती अमावस्‍या को एक विशेष योग बन रहा है। इस बार ये अमावस्‍या 16 अप्रैल 2018 को पड़ रही है। बैशाख मास के कृष्‍ण पक्ष में, शिव के दिन सोमवार को अश्‍विन नक्षत्र में सूर्य और चंद्रमा एक साथ आ रहे हैं। ये अपने आप में अनोखा मेल है, जो करीब 27 वर्ष बाद दोहराई जा रही है।

कालविवेक के पृष्ठ 343 से 344 तक, तिथितत्व के पृष्ठ 163 पर, पुरुषार्थ चिन्तामणि के पृष्ठ 314 से 345 तक, वर्षक्रियाकौमुदी के पृष्ठ 9 से 10 में महाभारत एवं पुराणों के आधार पर सोमवार, मंगलवार या बृहस्पतिवार के दिन तथा अनुराधा, विशाखा एवं स्वाति नक्षत्रों में पड़ने वाली अमावस्या विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है।

इस दिन पूजा-पाठ करने से आपकी लंबी उम्र के साथ-साथ हाजर गायों के दान के बराबर फल मिलता है। इस अमावस्या का शास्त्रों में बी काफी गुणगान किया गया है।

निर्णय सिंधु ग्रंथ के अनुसार इस दिन मौन रहकर स्नान, पूजा-पाठ, दान और व्रत करने से बड़े से बड़े पाप से मुक्ति मिल जाती है।

वैशाख महीने की इस अमावस्या पर 7 पवित्र नदीयां यानी कि गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी में से किसी भी एक नदी में स्नान करना चाहिए। इससे आपके द्वारा किएं गए हर पाप से मुक्ति मिलती है।

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