रामनवमी पर आज19 साल के बाद दुर्लभ संयोग , जाने पूजा का सुबह मुहर्त

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रामनवमी पर्व 25 को मनाया जाएगा। इस बार आद्र्धा नक्षत्र, शोभन योग, बब करण, बुधादित्य योग व अष्टमी पूजन का विशेष संयोग बन रहा है। ये संयोग 19 साल बाद बन रहा है।

भगवान श्री राम का प्रकाट्य त्रेतायुग में चैत्र शुक्ल नवमी को हुआ था। इसमें मध्याह्न व्यापिनी शुद्धा तिथि ली जाती है। भगवान श्री राम का जन्म मध्या्हन 12 बजे कर्क लग्न में हुआ था। उस दिन चैत्र शुक्ल नवमी, गुरुवार पुष्य नक्षत्र विद्यमान थे।

इस साल आद्र्धा नक्षत्र नवमी तिथि, रविवार, शोभन योग बव करण, बुधादित्य योग व अष्टमी का विशेष पूजन भगवान राम के प्रकट्योत्सव के साथ ही होगा।

दुर्गाष्टमी का पूजन 24 मार्च शनिवार को सुबह 10:06 बजे के बाद करना शुभप्रद रहेगा। 25 मार्च को सुबह 7:43 मिनट पर नवमी तिथि प्रारंभ होगी। नवमी में पूजन का समय 10:52 से 12:24 तक श्रीराम का जन्मोत्सव के लिए शुभ रहेगा।

19 साल पहले 25 मार्च 1999 को भी ठीक ऐसा ही संयोग था। जैसा कि इन नवमी पर पड़ रहा है। 24 मार्च को सप्तमी व अष्टमी का पूजन व नवरात्र का व्रत होगा।

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