71 साल बाद कुंभ में बन रहा महोदय योग

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चार फरवरी सोमवार को माघ महीने की अमावस्या तिथि है। इसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्रवण नक्षत्र, व्यतिपात योग, सर्वार्थसिद्धि योग और सोमवार होने से ‘महोदय योग’ बन रहा है। इसलिए कुंभ के दौरान दूसरा शाही स्नान का दिन सबसे उत्तम माना जा रहा है। शास्त्रों के नियमानुसार कुंभ आरंभ होने की मूल तिथि भी यही है।

धार्मिक विषयों के जानकारों के अनुसार, इस योग में संगम तट पर स्नान करने, पूजा-पाठ करने और दान करने से अन्य दिनों में किए गए स्नान दान से कई गुणा अधिक पुण्य लाभ मिलता है। ज्योतिषिय गणना के अनुसार कुंभ के दौरान महोदय योग इससे पहले 9 फरवरी 1948 के कुंभ के दौरान बना था।

4 फरवरी मौनी अमावस्या पर पूरे दिन ही दान-पुण्य और पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है लेकिन सूर्योदय के बाद और सुबह 7 बजकर 58 मिनट तक किए गए दान का विशेष फल प्राप्त होगा। ध्यान रहे कि दान कार्य स्नानादि से निवृत्त होकर और पूजा-पाठ के बाद ही किया जाना चाहिए। इस विशेष दिन सूर्य को अर्घ्य देना न भूलें।

 

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