अनार के फायदे और नुकसान साथ ही जाने खाने का सही समय और तरीका

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अनार खाने से हमारे शरीर को काफी सारे फायदे होते हैं। अनार में कुछ ऐसे महत्तवपूर्ण तत्व होते हैं जो कि हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी होते हैं। अनार में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, फोलिक एसिड और एंटीआक्सीडेंट होता है जो कि शरीर के लिए काफी महत्तवपूर्र्ण तत्व हैं। बता दें कि अनार स्वास्थ्य के साथ-साथ सुंदरता को भी बरकार रखता है।

 

मौखिक स्वास्थ्य को सुधारने में है फायदेमंद अनार
अनार में एंटी-प्लाक गुण पाए जाते हैं जो समग्र मौखिक स्वास्थ्य में सुधार ला उसे तरोताज़ा कर देते हैं। अनार में मौजूद तत्व दंत पट्टिका (प्लाक) के खिलाफ संरक्षण प्रदान करने में सक्षम होते हैं। पट्टिका गठन को कम करके, यह दंत क्षय, पायरिया, मसूड़े की सूजन और कृत्रिम दांतों स्टोमेटिटिस जैसी दंत समस्याओं के जोखिम को कम कर देते हैं।

 

अनार के फायदे हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाने में
अनार आपके हृदय के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत सेहतमंद होता है। यह रक्त-धमनियों (blood-vessels) को पोषित कर रक्त-प्रवाह में सुधार लाता है। इटली में नेपल्स विश्वविद्यालय में किए गए एक 2005 के अध्ययन के अनुसार, अनार का रस धमनियों के सख्त होने (atherosclerosis) के उपचार एवं उससे बचाव में मदद करता है।

इसके अलावा, ब्रिटिश के पोषण जर्नल में प्रकाशित एक 2010 के अध्ययन में पाया गया है कि 800 मिलीग्राम अनार के बीज का तेल ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है और उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (HDL) अनुपात में सुधार लाता है।

अनार के औषधीय गुण स्वस्थ रक्त-चाप बनाए रखने में सहायक 
अनार उच्च रक्त-चाप के रोगियों के लिए भी बहुत फलदायक होता है। यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट है और विटामिन सी एवं नाइट्रिक ऑक्साइड का एक अच्छा स्रोत है। इसके पौषिक गुण रक्त प्रवाह को नियमित करने एवं रक्त-धमनियों को पोषित करने के लिए जाने जाते हैं। यह दिल के दौरे के होने की संभावना को भी बहुत हद तक कम कर देता है।

 रोज़ाना एक गिलास अनार का जूस पियें और रक्त-चाप को नियंत्रित करें।
नोट:- अनार का सेवन करते समय रक्त-चाप के स्तर को देखते रहें , विशेष रूप से तब जब आप अनार का सेवन ब्लड प्रेशर की दवाइयों के साथ कर रहे हों।

 

अनार के स्वास्थ्य लाभ जोड़ों के दर्द के लिए
अनार जोड़ों एवं उससे संबंधित समस्याओं का भी एक सफल उपचार है। संधिशोथ (osteoarthritis), अस्थिसंधिशोथ (rheumatoid arthritis) और समग्र जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए अनार के बीजों का सेवन दैनिक नियमित रूप से करें। यह एंटी-ऑक्सीडेंट एवं सूजन को कम करे वाले गुणों से युक्त है और जोड़ों में आई अकड़ एवं सूजन को कम करने में सक्षम है।

2005 में पोषण के जर्नल में प्रकाशित एक अध्य्यन के अनुसार अनार में ऐसे तत्व समाविष्ट हैं जो जोड़ों को क्षति पहुंचने से रोकते हैं।
जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए –

रोज़ाना एक गिलास अनार का जूस पियें। लेकिन यदि आप कोई दवाई ले रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से परामर्श ज़रूर कर लें।
आप अनार के जूस एवं किसी भी तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर उसे मालिश करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
स्मरण-शक्ति को बढ़ाता है अनार 
अनार का सेवन करने से स्मरण-शक्ति को तो बढ़ावा मिलता ही है परंतु साथ ही में यह अल्ज़ाइमर (भूलने की बीमारी) जैसे दिमाग से सम्बंधित विकारों को भी हराने की क्षमता रखता है। 2013 में हुए एक शोध में पाया गया कि अनार दिमाग की क्रियाओं में सुधार लाता है और उम्र-सम्बंधित दिमाग की समस्याओं को भी ठीक करता है।

अनार के जूस के फायदे एनीमिया के लक्षणों से लड़ने के लिए
अनार एनीमिया से पीड़ित रोगियों के लिए एक संजीवनी बूटी के सामान है। यह शरीर में लौह की कमी को पूरा कर रेड ब्लड सेल्स की संख्या को भी बढ़ाता है। यह रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा में बढ़ोतरी कर उसके प्रवाह में भी सुधार लाता है। इसके अलावा यह विटामिन सी से भी भरपूर होता है जो लौह के अवशोषण में सहायता करता है।

इस फील्ड में हुए शोधों के अनुसार अनार एनीमिया के लिए एक बहुत ही सक्षम डाइटरी सप्लीमेंट है और एनीमिया के लक्षणों से लड़ने में शरीर को पूरा सहयोग देता है।

एनीमिया को मात देने के लिए 

रोज़ाना अपने सुबह के नाश्ते के साथ एक कप अनार का जूस पियें।
इसका दूसरा विकल्प यह है कि आप अनार के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें और रोज़ाना सुबह आधा चमच्च चूर्ण गर्म पानी में मिलाकर पी लें।
अनार के लाभ कैंसर का उपचार करने में 
अनार की स्वास्थ्य के लिए गुणवत्ता छोटी-छोटी बिमारियों तक ही सिमित नहीं है, अपितु यह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से लड़ने का भी सामर्थ्य रखता है। यह कैंसर की कोशिकाओं का नाश कर ट्यूमर के विकार पर पूर्ण-विराम लगाता है। अनार के फल का सेवन प्रोस्टेट, फेफड़ें, स्तन एवं स्किन कैंसर में अत्यंत फलदायक होता है। इस फील्ड में किये गए अनेक शोधों ने अनार के स्तन एवं स्किन कैंसर पर सकारात्मक प्रभाव की पुष्टि करी है। अनार कैंसर से बचाव करने में भी अति सक्षम है। कैंसर से बचाव करने के लिए या फिर उसका उपचार करने के लिए अनार को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

अनार के रस का फायदा है मधुमेह को नियंत्रित करना 

जो लोग मधुमेह या फिर किसी भी उपापचयी सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त हैं, उनके लिए अनार बहुत ही फायदेमंद फल है। यह इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को कम करता है और मधुमेह से होने वाली समस्याओं से भी बचाव करता है। पोषण अनुसंधान (Nutrition Research) में प्रकाशित एक 2013 के अध्ययन में पाया गया कि अनार के रस में अद्वितीय एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल्स (टैनिन और एंथोस्यानिंन्स) होते हैं जो टाइप 2 मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

 

प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है अनार

अनार उन महिलाओं के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है जो गर्भवती होने का प्रयास कर रहीं हैं। यह गर्भाशय में रक्त प्रवाह को बढ़ा उसे सशक्त कर देता है और गर्भपात के खतरे को खत्म कर देता है। फार्माकोग्नॉसी पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार अनार प्रजनन अंगों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और गर्भ धारण करने में सहायता करता है। परंतु यह अध्ययन इस बात को भी उजागर करता है की अनार के अधिकतम सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं।

अनार में विटामिन C और K के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है जो गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास को बढ़ावा देता है। यह शरीर को चिंता एवं तनाव से भी मुक्त कराने में सहायक है जो गर्भ धारण करने में और समग्र स्वस्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है।

गर्भ धारण की संभावना को बढ़ाने के लिए अनार के बीज और छाल (तना) का चूर्ण बना लें और उन्हें बराबर मात्रा में मिला लें। इस मिश्रण को एक हवाबंद डिब्बे में रख दें और कुछ हफ़्ते के लिए रोज़ाना दिन में दो बार आधा चम्मच पाउडर गर्म पानी में मिलाकर पी लें। रोज़ाना दिन में एक बार एक गिलास अनार के रस का सेवन भी कर सकते हैं।

अनार के नुकसान 

अनार में मौजूद एंज़ाइम लिवर में मौजूद कुछ एंज़ाइमों के कामकाज में बाधा कर सकते हैं। यदि आप लिवर विकारों के लिए किसी भी विशिष्ट दवा पर हैं, तो इस फल या इसके रस लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

आप एक डाइट पर हैं और अपने कैलोरी की मात्रा को देख रहे हैं, तो यह फल या इसका रस लेने से बचें। अनार से कैलोरी में इजाफा होता है। यह वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है।

इस फल की अत्यधिक खपत कई विकारों का कारण बन सकती है। उनमें से कुछ मतली, उल्टी, पेट दर्द और दस्त हैं। लेकिन यह लक्षण आमतौर पर कुछ ही घंटों के बाद कम हो जाते हैं। अनार की अत्यधिक खपत जठरांत्र पथ (gastrointestinal tract) में जलन भी पैदा कर सकती है।

इस फल की खपत के कई लक्षण हो सकते हैं जो एलर्जी का कारण बन सकते हैं। ये लक्षण हैं –

कुछ भी निगलने में दर्द होना
चकत्ते
चेहरे की सूजन
सांस लेने में कठिनाई होना
मुंह में सूजन और दर्द
इसलिए आवश्यक है कि इसे आप सीमित मात्रा में खाएँ और कुछ आवश्यक बातों का ध्यान रखें।

कुछ बातों का ध्यान रखें –

आप एक सप्ताह तक अनार को कमरे के सामान्य तापमान पर स्टोर कर सकते हैं।
यदि आप उन्हें फ्रिज में रखना चकते हैं तो उन्हें प्लास्टिक में लपेट कर रखें।
अनार के ताज़ा बीज को 3 से 4 दिनों के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है।
अनार के बीज खाने के बाद यदि आपको खाद्य एलर्जी के लक्षण दिखें, उसका सेवन करना तुरंत रोक दें और अपने चिकित्सक से परामर्श लें।
अनार के रस का सेवन रक्त-सम्बंधित दवाइयों के साथ डॉक्टर की सलाह लेने के पश्चात ही करना चाहिए।
किसी भी प्रकार का अनार-पूरक चुनने से पहले, हमेशा पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

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