अष्ट कमल चक्र बनाकर करें महालक्ष्मी की स्थापना पूजा में उन्हें हाथ जोड़कर नहीं, फैलाकर करें प्रणाम

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दिवाली पर अष्ट लक्ष्मी पूजन का विधान है। इसके लिए सबसे पहले चौक बनाकर उस पर चौकी रखें। फिर उसके ऊपर गुलाबी रंग के कपड़े पर अष्टचक्र बनाएं। इस पर लक्ष्मी की फोटो या प्रतिमा (घर में बैठी लक्ष्मी और व्यापारी खड़ी लक्ष्मी) स्थापित करें।

इसके बाद कलश की स्थापना करें। उसमें जल भरकर सुपारी, चावल, हल्दी की गांठ, सिक्का, आम के पत्ते रखें और ऊपर से एक नारियल रख दें। षोडशोपचार पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित करें और फिर मां लक्ष्मी को दोनों हाथ फैलाकर प्रणाम करें।

लक्ष्मी जी को कभी भी हाथ जोड़कर प्रणाम नहीं करना चाहिए, क्योंकि हाथ जोड़ने का मतलब होता है लक्ष्मी जी को विदा करना। लक्ष्मी जी को हाथ फैलाकर प्रणाम करना चाहिए।

पंच महायोग में होगी पूजा, राष्ट्र सेवकों को मिलेगा पद व प्रतिष्ठा 

 

इस बार दिवाली महोत्सव पर अर्ध चंद्र योग एवं दान योग की निष्पत्ति हो रही है। अर्ध चंद्र योग के कारण राष्ट्र सेवा, समाजसेवा करने वाले जातकों को इस योग में लक्ष्मी पूजन करने से राज सम्मान एवं पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। दान योग के फल स्वरूप विद्या, बुद्धि एवं धन लाभ के लिए लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्ति से विद्यार्थी वर्ग लाभान्वित होगा।

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