आज है भाई दूज, जानिए तिलक का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

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भाई दूज की तिथि और शुभ मुहूर्त 
द्वितीया तिथि प्रारंभ: 08 नवंबर 2018 को रात 09 बजकर 07 मिनट से.
द्वितीया तिथि समाप्‍त: 09 नवंबर 2018 को रात 09 बजकर 20 मिनट तक.

भाई दूज तिलक का मुहूर्त: 09 नवंबर 2019 को दोपहर 01 बजकर 16 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक.

भैया दूज का महत्‍व
हिन्‍दू धर्म में भैया दूज का विशेष महत्‍व है. इस पर्व को ‘यम द्वितीया’ और ‘भ्रातृ द्वितीया’ भी कहा जाता है. रक्षाबंधन के बाद भैया दूज दूसरा ऐसा त्‍योहार है जिसे भाई-बहन बेहद उत्‍साह के साथ मनाते हैं. जहां, रक्षाबंधन में भाई अपनी बहन को सदैव उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं वहीं भाई दूज के मौके पर बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है.

कई जगहों पर इस दिन बहनें अपने भाइयों को तेल लगाकर उन्‍हें स्‍नान भी कराती हैं. यमुना नदी में स्‍नान कराना अत्‍यंत शुभ माना जाता है. अगर यमुना में स्‍नान संभव न हो तो भैया दूज के दिन भाई को अपनी बहन के घर नहाना चाहिए.

अगर बहन विवाहित है तो उसे अपने भाई को आमंत्रित कर उसे घर पर बुलाकर यथा सामर्थ्‍य भोजन कराना चाहिए. इस दिन भाइयों को चावल खिलाना अच्‍छा माना जाता है. अगर सगी बहन नहीं है तो ममेरी या चचेरी बहन के साथ भी इस त्‍योहार को मनाया जा सकता है. इस त्‍योहार का संदेश यही है कि भाई-बहन के बीच प्‍यार हमेशा बना रहना चाहिए.

चाहे दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में कितने ही व्‍यस्‍त क्‍यों न हों लेकिन एक-दूसरे के साथ कुछ पल तसल्‍ली के जरूर गुजारने चाहिए.

भैया दूज पर क्‍या करें?
– भैया दूज के दिन नहा-धोकर स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें. वैसे इस दिन बहनें नए कपड़े पहनती हैं.
– इसके बाद अक्षत (ध्‍यान रहे कि चावल खंड‍ित न हों), कुमकुम और रोली से आठ दल वाला कमल का फूल बनाएं.
– अब भाई की लंबी उम्र और कल्‍याण की कामना के साथ व्रत का संल्‍प लें.
– अब विधि-विधान के साथ यम की पूजा करें.
– यम की पूजा के बाद यमुना, चित्रगुप्‍त और यमदूतों की पूजा करें.
– अब भाई को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारें.
– इस मौके पर भाई को यथाशक्ति अपनी बहन को उपहारा या भेंट देनी चाहिए.
– पूजा होने तक भाई-बहन दोनों को ही व्रत करना होता है.
– पूजा संपन्‍न होने के बाद भाई-बहन साथ में मिलकर भोजन करें.

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