दीपावली का पूजन करते समय इन बातो का अवश्य ध्यान रखे , मिलेगा पूरा फल

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प्राचीन समय में ईश्वर की आराधना करने वाले ऋषि एक ही जगह पर बैठकर प्रभु का नाम लिया करते थे। माना जाता था कि इससे ईश्वर से उनका जुड़ना आसान हो जाता था। यही कारण है कि आज भी कहा जाता है कि एक ही जगह पर बैठकर मंत्र उच्चारण करने से शक्ति पिंड की एक श्रंखला तैयार हो जाती है।

इस श्रंखला से व्यक्ति से शक्तियों की प्राप्ति होने की बात कही गई है। मंत्र जप करते समय ईश्वर में ध्यान लगाना बहुत ज़रूरी है। इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आप जहां भी मंत्र जप करें उस जगह पर शांति हो इससे ध्यान भटकने की संभावना कम हो जाती है।

कुछ लोगों की आदत होती है वो मंत्र जाप करते समय बीच में बातें करने लगते हैं। आपको बता दें कि मंत्र जप के समय बातें करना बहुत बड़ा पाप माना गया है। कहते हैं कि ऐसा करने से ईश्वर नाराज़ हो सकते हैं। इसके अतिरिक्ति मंत्र जप करते वक्त स्वच्छता का होना भी बहुत ज़रूरी है। मंत्र जप के स्थान पर गलती से भी गंदगी नहीं होनी चाहिए।

पूजा या मंत्र जप करते समय मन में लालच का भाव नहीं होना चाहिए। माना जाता है कि भगवान ऐसी प्रार्थना से कभी भी प्रसन्न नहीं होते। इसलिए अगर पूजा या मंत्र जप का उचित फल पाना चाहते हैं तो भगवान के प्रति हमेशा त्याग भाव का होना रखें।

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