होली से पहले होलाष्टक के दिनों में भूलकर भी ना करें ये काम वरना…

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भारतीय पंचांग के अनुसार होलाष्टक के 2 दिन बाद से यानी 15 मार्च 2019, शुक्रवार से खरमास (मलमास) प्रारंभ हो रहा है। यह मुहूर्त लगते ही सभी शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा, यानी कि इस दौरान कोई भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं होंगे। पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल 2019, रविवार दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। उसके बाद सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। तभी से विवाह, गृहप्रवेश आदि मांगलिक कार्य भी दोबारा शुरू हो पाएंगे, तब तक यानी 1 महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे।

हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि मलमास या खरमास का महीना शुभ नहीं माना जाता है, ऐसी कई मान्यताएं हैं कि खरमास में विवाह, भवन-निर्माण, नया व्यापार या व्यवसाय आदि शुभ कार्य वर्जित हैं।

पंचांग के अनुसार यह समय सौर मास का होता है जिसे खरमास कहा जाता है। माना जाता है कि इस मास में सूर्य देवता के रथ को घोड़े नहीं खींचते हैं। ज्ञात हो कि सूर्य देव सिर्फ भारत के नहीं है वे अखिल ब्रह्मांड के दिव्य देवता हैं। अत: इस समय में शुभ कार्य ना करें। आइए जानते हैं खर मास में क्या करें और क्या न करें :-

1. खरमास में शादी जैसे कोई भी शुभ काम नहीं किए जाते। कहा जाता है कि इस दौरान शुभ काम करने से उसका फल नहीं मिलता।

2. इस महीने किसी संपत्ति अथवा भूमि की खरीद भी बेहद अशुभ होती है। इस महीने के दौरान इससे बचना चाहिए।

3. खरमास की शुरुआत के बाद नया वाहन खरीदने से भी बचना चाहिए।

4. खरमास के प्रारंभ होने के बाद घर या किसी अन्य भवन का निर्माण पूर्णतः वर्जित है। इस दौरान भवन निर्माण सामग्री लेना भी अशुभ होता है.

5. विवाह और उपनयन जैसे शुभ संस्कार भी इस दौरान पूर्णतः वर्जित रहते हैं। इसके अलावा गृह प्रवेश जैसे कार्य भी इस दौरान नहीं होने चाहिए।

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