घर में भूल से भी इस स्थान पर ना लगाए ताला

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हमारे वास्तु शास्त्र के अनुसार बताया गया है कि पूर्व दिशा को सूर्य का स्थान माना गया है और इस दिशा में ताबें का ताला इस्तेमाल करना चाहिए। इससे चोरी का भय कम रहता है और हमारे घर की सुरक्षा बढ़ जाती है साथ ही आर्थिक रूप से भी आपको लाभ की प्राप्ति होती है |

वास्तु के नियम के अनुसार पश्चिम दिशा को शनि का स्थान माना जाता है, यहां लोहे का काले रंग का ताला लगाएं इससे आपके घर में सकारत्मक उर्जा का वास होगा और घर की सुरक्षा भी बढ़ जाएगी |इसके साथ ही इस दिशा में कभी भूल से भी ताम्बे का ताला ना लगाये वरना ये आपके घर की सुरक्षा पर विपरीत प्रभाव भी डाल सकता है |

उत्तर में पीतल के ताले लगाने से सुरक्षा बढ़ती है लेकिन ध्यान रखें कि इसका रंग हलका सुनहरा होना चाहिए। दुकान या आफ़िस पर पांच धातु के भारी ताले अवश्य लगाएं। ताले के भारी होने से घर की सुरक्षा बढ़ती है। अगर पांच धातु का ताला नहीं मिले तो ताले पर लाल या चेरी रंग चढ़ा कर लगा सकते है.

घर या दुकान उत्तर-पूर्व मुखी है तो पीले रंग का ताला लगाना चाहिए। पश्चिम-पूर्व में भी लाल या चेरी रंग के ताले लगाने चाहिए। दक्षिण-पश्चिम दिशा में राहू का स्थान होता है इस स्थान पर भूरे रंग का ताला लगाना चाहिए। छत पर लगने वाले ताले का रंग नीला होना चाहिए। बेसमेंट में चमकीले रंग का ताला लगाएं और इनकी संख्या दो होनी चाहिए।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मंदिर या पूजा-स्थल पर कभी ताला न लगाएं। इनके द्वार हमेशा खुलें छोड़ कर रखने चाहिए इससे घर में सकारात्मक उर्जा बनी रहती है |

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