21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण 27-28 को , अनहोनी की हैं संभावना

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खगोलीय घटनाक्रम के तहत आगामी जुलाई महीने की 27-28 जुलाई को खग्रास चंद्रग्रहण हो रहा है। यह सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। इसकी कुल अवधि 6 घंटे 14 मिनट बताई जा रही है। इस 6 घंटे 14 मिनट की अवधि का 103 मिनट तक पूर्णचंद्र ग्रहण रहेगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण 27 जुलाई कर रात 11 बजकर 55 मिनट से 28 जुलाई की रात 3 बजकर 54 पर पूर्ण होगा। इससे पहले 26 जुलाई 1953 को 20वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण दर्ज हुआ था।

उसकी अवधि 5 घंटे 27 मिनट थी। यह पूर्णावस्था में करीब 101 मिनट तक रहा। इसी ग्रहण के बाद अगस्त के मध्य में ग्रीस के केफलोनिया और जाकिनथोस द्वीप क्षेत्र में लगभग 113 भूकंप आए थे। इनमें सबसे विनाशकारी 12 अगस्त को लोनियन आइसलैंड का भुकंप था, जिसकी तीव्रता 7.2 मापी गई थी। इसमें लगभग 800 लोगों की मौत हुई।

भारत में कर्क रेखा गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों से होकर गुजरती है। इस रेखा पर बांग्लादेश, म्यांमार, चीन, ताइवान, संयुक्त राज्य अमेरिका का हवाई द्वीप, मैक्सिको, बहामास, मुरितानिया, माली, अल्जीरिया, नाइजर, लीबिया, चाड, मिस्र, सउदी अरब, यूएई और ओमान देश आते हैं।

खग्रास चंद्रग्रहण के आगे-पीछे 13 जुलाई और 11 अगस्त 2018 को दो खंडग्रास सूर्यग्रहण पड़ेंगे। लगातार तीन ग्रहणों के कारण इनका खगोलीय प्रभाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार इन ग्रहणों के फलस्वरूप कर्क रेखा क्षेत्र में विनाशकारी भूकंप, सुनामी, चक्रवात, ज्वालामुखी विस्फोट एवं आगजनी की घटनाएं हो सकती हैं।

चंद्रग्रहण को प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण माना गया है। इसे न केवल आद्यात्मिक दृष्टि से बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी मान्यता दी गई है। बताया जा रहा है की ये चंद्रग्रहण इस सदी का सबसे लम्बा चंद्रग्रहण होगा। क्योकि इससे पहले इतना लम्बा ग्रहण 1953 में हुआ था। मध्य रात्रि के बाद यह पुरे भारत में दिखाई देगा ।

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