राखी बांधते वक्त जरूर करें ये 11 काम, वरना फलित नहीं होगा रक्षाबंधन

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रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन का पर्व है। इस खास मौके पर बहन भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। साथ ही वह भाईयों से जीवनभर अपनी रक्षा करने का वचन मांगती हैं।

इस खास मौके पर किसी तरह की कोई भूल-चूक ना हो इसके लिए हमें पारंपरिक बातों का ख्याल रखना चाहिए। अगर आप रक्षा सूंत्र बांधते वक्त इन बातों का ध्यान रखेंगे तो निश्चित ही यह आपके लिए और आपके भाई के लिए फलदायी होगा।

रक्षाबंधन के दिन सुबह-सुबह उठकर स्नान करें और शुद्ध कपड़े पहनें।

इसके बाद घर को साफ करें और चावल के आटे का चौक पूरकर मिट्टी के छोटे से घड़े की स्थापना करें।

चावल, कच्चे सूत का कपड़ा, सरसों, रोली को एकसाथ मिलाएं। फिर पूजा की थाली तैयार कर दीप जलाएं। और मिठाई रखें। इसके बाद भाई को पीढ़े पर बिठाएं। अगर पीढ़ा आम की लकड़ी का बना पीढ़ा सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

रक्षा सूत्र बांधते वक्त भाई को पूर्व दिशा की ओर बिठाएं। वहीं भाई को तिलक लगाते समय बहन का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। इसके बाद भाई के माथ पर टीका लगाकर दाहिने हाथ पर रक्षा सूत्र बांधें।

रक्षा सूत्र बांधते वक्त ‘येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः’ मंत्र जरूर पढ़ें। राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें फिर उसको मिठाई खिलाएं। अगर बहन बड़ी हो तो छोटे भाई को आशीर्वाद दें और छोटी हो तो बड़े भाई को प्रणाम करें।

आजकल लोग सोफे व कुर्सी पर बैठकर राखी बंधवा लेते हैं। जबकि ऐसा करना उचित नहीं है। राखी हमेशा पीढ़े पर बैठकर ही बंधवानी चाहिए। इससे शुद्धिकरण होता है और अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा व्यक्ति चुंबकीय रेखाओं से मुक्त हो जाता है।

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