दीपावली पूजन की संपूर्ण विधि मंत्र सहित

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इस दिन से महालक्ष्मी वर्ष का आरंभ हो रहा है। इस वर्ष आपके घर धन का आगमन होता रहे और माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहे इसके लिए दिवाली की शाम शास्त्रों में लक्ष्मी माता के साथ गणेश और कुबेर की पूजा का विधान बताया गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि को प्रदोष काल में स्थिर लग्न में दिवाली पूजन करने से अन्न-धन की प्राप्ति होती है। जो लोग तंत्र विद्या से देवी की पूजा करते हैं उन्हें आधी रात के समय निशिथ काल में पूजा करनी चाहिए। गृहस्थों के लिए दीपावली पूजा की विधि जानें।

दीपावली पूजन के लिए जरूरी सामग्री

कलावा, रोली, सिंदूर, एक नारियल, अक्षत, लाल वस्त्र , फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, कलश, कलश हेतु आम का पल्लव, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), फल, बताशे, मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी, अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली। कुशा, रक्त चंदनद, श्रीखंड चंदन।

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