रामनवमी तिथि और पूजा मुहूर्त, ये है पूजा का सही समय

0 1,229

हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। लेकिन साल 2018 के पंचांग को देखें तो पाएंगे कि इसमें नवमी तिथि का क्षय हो गया है यानी चैत्र शुक्ल नवमी तिथि इस साल मान्य नहीं होगी।

ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि अष्टमी तिथि 24 तारीख को 10 बजकर 6 मिनट से शुरू हो जाएगी और 25 मार्च को 8 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। 26 मार्च को सूर्योदय के समय दशमी तिथि रहेगी। नवमी तिथि को सूर्योदय नहीं मिलने के कारण इसका क्षय माना गया है।

ऐसे में रामनवमी कब और कैसे मनेगी इस बारे में वामन पुराण में कहा गया है कि- चैत्र शुक्ला तु नवमी पुनर्वसु युता यदि। सैव मध्याह्नयोगेन महापुण्यफल प्रदा।। साथ ही यह भी मत है कि ‘अष्टमी नवमी युक्ता, नवमी च अष्टमीयुतेति।।’ कुल मिलाकर शास्त्रों और पुराणों की इन बातों को मानें तो अष्टमी तिथि को अगर दोपहर में नवमी तिथि पड़ रही हो और पुनर्वसु नक्षत्र हो तो यह महापुण्यदायी है।

इस साल 25 मार्च को 8 बजकर 3 मिनट के बाद नवमी तिथि लग जाएगी और 2 बजकर 21 मिनट से पुनर्वसु नक्षत्र उदित होगा जिससे रामनवमी का पूजन करने के लिए 2 बजकर 21 मिनट के बाद का समय बहुत ही उत्तम रहेगा। 25 मार्च को रामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा।

Comments
Loading...