मसाला चाय बनाने की विधि साथ ही जाने मसाला चाय के फायदे

0 8,020

चाय प्राचीन आयुर्वेद से उत्पन्न हुई है। चाय सुगन्धित और गर्म मीठा पेय होने के अलावा कई स्वास्थ्य लाभों के लिए भी जानी जाती है। मसाला चाय  हर जगह पर अलग अलग मसालों के साथ विभिन्न रूप में बनाई जाती है। मसाले चाय को सुखदायक बनाने और ताज़ा स्वाद प्रदान करने का काम करते हैं।

मसाला चाय के लिये सामग्री:

  • 1 कप पानी
  • ½ कप दूध (उबला हुआ)
  • 1 टीस्पून चायपत्ती
  • ½ इंच अदरक (कूटी हुई)
  • 1 छोटी इलायची (बारीक कूटी हुई)
  • एक चुटकी जायफल
  • चीनी स्वादानुसार

मसाला चाय बनाने की विधि:

एक पैन में पानी, अदरक तथा इलायची लें|

इसे 2 मिनट के लिए धीमी आंच पर पकाएं।

अब इसमें चायपत्ती, जायफल और दूध डालकर 4-5 मिनट मध्यम आंच पर पकाएं।

प्याले में परोसते समय स्वादानुसार चीनी मिलाएं (या अपनी सुविधानुसार पकाते समय मिलाएं)|

अब आपकी चाय तैयार है|

मसाला चाय के फायदे

बढ़ाए एनर्जी

मसाला चाय शरीर को पुनः शक्ति प्रदान करने का कम करती है और अवसाद से लड़ने में मदद करती है। चाय में कैफीन पाई जाती है जो चिंता और अवसाद को दूर करने में मदद करता है। इसके कारण अवसाद रोगी में ऊर्जा और जीवन शक्ति की भावना बढ़ती है।

मसाला चाय हर जगह आसानी से उपलब्ध होती है। इसलिए जो लोग ख़राब मूड और अवसाद से पीड़ित हैं, वे इसका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में कर सकते हैं। चाय में मसाले के रूप में इलायची को डालने से अवसाद की भावनाओं को कम करने में मदद मिलती है।

बढ़ाए पाचन शक्ति

मसाला चाय पाचन शक्ति को बढ़ाती है और सभी प्रकार के पाचन विकारों को नष्ट करने में मदद करती है। मसाला चाय में इस्तेमाल होने वाले मसाले पाचन सम्बन्धित समस्यायों में फायदेमंद होते हैं। आयुर्वेद मुख्यतः पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने के लिए मसाला चाय के सेवन के लिए कहता है। मसाला चाय में उपयोग होने वाला प्रत्येक मसाला पाचन रोग से निपटने में मदद करते हैं जो इस प्रकार हैं –

  • अदरक पेट के लिए सुखदायक प्रभाव देता है।
  • लौंग और काली मिर्च अग्न्याशय में पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ा कर पाचन प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • दालचीनी संभावित रूप से मतली और दस्त को रोकने और पेट को शांत और ठंडा रखने में मदद करती है।
  • पिप्पली पाचन स्राव को बढ़ाने तथा आमाशय रस और पाचन को संतुलित रखने में मदद करती है।
  • इसलिए भोजन के बाद मसाला चाय का सेवन पाचन बूस्टर के रूप में कार्य कर सकता है।
दूर करे सर्दी खांसी 

मसाला चाय में उपयोग होने वाले मसाले प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करते हैं। मसाला चाय में मौजूद अदरक और इलायची दोनों प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने और सामान्य बीमारी जैसे सर्दी खांसी को दूर करने में मदद करते हैं।

लाभ कैंसर में

 

मसाला चाय में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो मुक्त कणों द्वारा कोशिकाओं और ऊतकों की क्षति को रोकने में मदद करते हैं। मसाला चाय में अदरक, इलायची और काली मिर्च होते हैं जो इसके एंटी-ऑक्सीडेशन महत्व को बढ़ाते हैं। इस कारण मसाला चाय कैंसर के उपचार में भी मदद करती है। अदरक कोलोरेक्टल कैंसर के विरूद्ध शरीर की सुरक्षा करता है और डिम्बग्रंथि के कैंसर का संभावित उपचार करने में मदद करता है। इलायची में भी एंटी-ऑक्सीडेशन गुण होते है जो नॉन मेलेनोमा त्वचा कैंसर को रोकने में मदद करते हैं।

हृदय समस्या के लिए

 

मसाला चाय रक्तचाप को कम करने में भी मदद करती है जिससे शरीर को हृदय की समस्या से दूर रखा जा सकता है। काली मिर्च में मौजूद पिपरीन (piperine) नामक सक्रिय एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं और ऊतकों में ऑक्सीडेटिव क्षति को रोकने में मदद करता है।

दूर करे दर्द 

 

मसाला चाय में मौजूद अदरक और दालचीनी हार्मोनल असंतुलन को संतुलित करने में मदद करते हैं और पीएमएस से जुड़ी दर्द और असुविधा को कम करने में मदद करते हैं।

फायदे मधुमेह में 

 

मसाला चाय में मौजूद मसाले रक्त शर्करा के स्तर को नियमित करने में मदद करते हैं और मसाला चाय टाइप 2 मधुमेह को होने से रोकती है।

5/5 (1 Review)

Leave A Reply

Your email address will not be published.