दाल मखनी भारतीय व्यंजनों में एक ऐसा नाम है, जो सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। यह पंजाबी किचन की सबसे मशहूर और शाही दाल मानी जाती है। अपनी गाढ़ी बनावट, क्रीमी स्वाद और हल्की स्मोकी खुशबू के कारण दाल मखनी हर उम्र के लोगों की पसंद बन चुकी है।
यह दाल मुख्य रूप से साबुत काली उड़द दाल (Whole Urad Dal) और राजमा (Kidney Beans) से बनाई जाती है, जिन्हें मक्खन, क्रीम और खुशबूदार मसालों के साथ धीमी आंच पर घंटों पकाया जाता है। नान, तंदूरी रोटी, पराठा या चावल के साथ इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।
अगर आप नॉर्थ इंडियन फूड और पंजाबी फ्लेवर के शौकीन हैं, तो यह दाल मखनी रेसिपी आपको ज़रूर पसंद आएगी।
दाल मखनी क्या है?
दाल मखनी एक क्रीमी और रिच दाल है, जिसे खासतौर पर खास मौकों, त्योहारों और रेस्टोरेंट मेन्यू में परोसा जाता है।
इस दाल की खासियत यह है कि इसमें मसालों का स्वाद बहुत तेज नहीं होता, बल्कि मक्खन और क्रीम के कारण इसका स्वाद मुलायम, संतुलित और बेहद लाजवाब होता है।
धीमी आंच पर पकने की वजह से उड़द दाल पूरी तरह गल जाती है और दाल में एक प्राकृतिक गाढ़ापन आ जाता है, जो इसकी पहचान है।
दाल मखनी का इतिहास और उत्पत्ति
दाल मखनी की जड़ें पंजाब और पेशावर से जुड़ी मानी जाती हैं।
खाद्य इतिहासकारों के अनुसार, यह डिश कुंदन लाल गुजराल और कुंदन लाल जग्गी द्वारा बनाई गई थी, जो पेशावर से भारत आए पंजाबी हिंदू प्रवासी थे।
इन्हीं लोगों को बटर चिकन का आविष्कारक भी माना जाता है। बटर चिकन के साथ परोसने के लिए उन्होंने शाकाहारी विकल्प के रूप में दाल मखनी को विकसित किया। धीरे-धीरे यह डिश पूरे भारत और फिर दुनिया भर में मशहूर हो गई।
दाल मखनी क्यों इतनी लोकप्रिय है?
दाल मखनी की लोकप्रियता के कई कारण हैं:
-
यह स्वाद में बेहद समृद्ध (rich) होती है
-
इसका टेक्सचर क्रीमी और स्मूद होता है
-
यह हर तरह की इंडियन ब्रेड और चावल के साथ अच्छी लगती है
-
यह घर और रेस्टोरेंट – दोनों जगह पसंद की जाती है
हालांकि यह कैलोरी में थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन कभी-कभार इसे खाने में कोई बुराई नहीं है। Cheat day के लिए दाल मखनी एक परफेक्ट डिश है।

यह दाल मखनी रेसिपी क्यों सबसे बेस्ट है?
दाल मखनी की पहचान उसका गहरा स्वाद, क्रीमी बनावट और रेस्टोरेंट जैसा फ्लेवर होता है। हर दाल मखनी रेसिपी एक जैसी नहीं होती, लेकिन यह रेसिपी कुछ खास कारणों की वजह से सबसे अलग और बेहतरीन बनती है।
1. साबुत मसालों का सही और संतुलित इस्तेमाल
इस दाल मखनी रेसिपी में काली इलायची, दालचीनी, लौंग और तेज पत्ता जैसे साबुत मसालों का इस्तेमाल किया गया है, जो दाल को एक खास सुगंध और गहराई देते हैं।
साबुत मसाले पिसे हुए मसालों की तुलना में दाल को ज़्यादा नेचुरल और रिच फ्लेवर देते हैं।
जब ये मसाले मक्खन में हल्के से तले जाते हैं, तो इनका तेल बाहर आता है और पूरी दाल में धीरे-धीरे घुल जाता है। इससे दाल में न तो मसालों की तीखापन होता है और न ही स्वाद भारी लगता है, बल्कि एक संतुलित और रेस्टोरेंट-स्टाइल खुशबू आती है।
2. मक्खन और क्रीम का परफेक्ट बैलेंस
दाल मखनी की आत्मा होती है उसका मक्खन और क्रीम। हालांकि, ज़रूरत से ज़्यादा मक्खन और क्रीम डालने से दाल बहुत भारी और चिपचिपी हो सकती है।
इस रेसिपी में मक्खन और क्रीम की बिल्कुल सही मात्रा रखी गई है, जिससे दाल न तो ज्यादा ऑयली लगती है और न ही फीकी।
मक्खन दाल को गहराई और रिचनेस देता है, जबकि क्रीम दाल को मुलायम, स्मूद और वेलवेटी टेक्सचर देती है। इस संतुलन की वजह से दाल हल्की होने के बावजूद बेहद स्वादिष्ट बनती है और पेट पर भारी नहीं लगती।
3. स्लो कुकिंग तकनीक का कमाल
दाल मखनी जितनी देर धीमी आंच पर पकती है, उसका स्वाद उतना ही निखरता जाता है। यही स्लो कुकिंग इस रेसिपी को खास बनाती है।
धीमी आंच पर पकाने से उड़द दाल पूरी तरह गल जाती है और उसमें से प्राकृतिक गाढ़ापन निकलकर दाल को क्रीमी बनाता है।
रेस्टोरेंट में दाल मखनी को कई घंटों तक पकाया जाता है, जिससे उसका स्वाद गहरा और टेक्सचर रेशमी हो जाता है। इस रेसिपी में भी यही तरीका अपनाया गया है, ताकि आपको घर पर ही रेस्टोरेंट जैसी दाल मखनी मिल सके।
4. हल्का लेकिन परफेक्ट स्मोकी फ्लेवर
रेस्टोरेंट-स्टाइल दाल मखनी की सबसे बड़ी पहचान होती है उसकी हल्की स्मोकी खुशबू।
यह स्मोकी फ्लेवर दाल को एक अलग ही लेवल पर ले जाता है और उसे साधारण दाल से बिल्कुल अलग बना देता है।
इस रेसिपी में स्मोकी फ्लेवर को बहुत संतुलित रखा गया है, ताकि वह स्वाद पर हावी न हो, बल्कि दाल की क्रीमी और बटर वाली खुशबू को और निखार दे।
यह हल्का धुएँ जैसा स्वाद दाल मखनी को बिल्कुल वही ढाबा और रेस्टोरेंट-जैसा टच देता है, जिसे हर कोई पसंद करता है
दाल मखनी बनाने की सामग्री
दाल पकाने के लिए:
-
साबुत उड़द दाल – ¾ कप
-
राजमा – ¼ कप
-
पानी – आवश्यकतानुसार
ग्रेवी के लिए:
-
मक्खन – 3 टेबलस्पून
-
जीरा – ½ टीस्पून
-
लौंग – 2–3
-
हरी इलायची – 2–3
-
काली इलायची – 1
-
दालचीनी – 1 इंच
-
तेज पत्ता – 1
-
प्याज़ (बारीक कटा) – ½ कप
-
अदरक-लहसुन पेस्ट – 2 टीस्पून
-
हरी मिर्च – 1 टीस्पून
-
टमाटर प्यूरी – 1 कप
-
लाल मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
-
जायफल – चुटकी भर
-
नमक – स्वादानुसार
-
क्रीम – ¼ से ⅓ कप
- कसूरी मेथी – ¼ टीस्पून

दाल मखनी
दाल मखनी बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
स्टेप 1: दाल और राजमा भिगोना व पकाना
सबसे पहले उड़द दाल और राजमा को 8–9 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें।
सुबह इन्हें अच्छे से धोकर प्रेशर कुकर में डालें, 3 कप पानी डालकर 18–20 सीटी आने तक पकाएं, जब तक दाल और राजमा पूरी तरह नरम न हो जाएं।
स्टेप 2: प्याज़-टमाटर की ग्रेवी बनाएं
एक कढ़ाही में मक्खन गरम करें।
साबुत मसाले डालकर खुशबू आने तक भूनें।
अब प्याज़ डालकर हल्का सुनहरा होने तक पकाएं।
अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें।
टमाटर प्यूरी, लाल मिर्च और जायफल डालकर तब तक पकाएं जब तक किनारों से मक्खन अलग न दिखने लगे।
स्टेप 3: दाल मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं
अब पकी हुई दाल और राजमा ग्रेवी में डालें।
दाल का स्टॉक और ज़रूरत अनुसार पानी डालें।
धीमी आंच पर 25–30 मिनट तक पकाएं और बीच-बीच में चलाते रहें।
स्टेप 4: क्रीम और कसूरी मेथी डालें
जब दाल गाढ़ी और क्रीमी हो जाए, तब क्रीम डालें।
ऊपर से कसूरी मेथी डालकर गैस बंद कर दें।
स्टेप 5: स्मोकी फ्लेवर (वैकल्पिक)
गरम कोयले पर थोड़ा तेल डालें और दाल के ऊपर रखकर ढक दें।
1 मिनट बाद हटा दें और दाल मिला लें।
दाल मखनी कैसे परोसें?
दाल मखनी एक ऐसी शाही और क्रीमी डिश है, जिसका स्वाद सही संगत के साथ और भी ज़्यादा निखरकर सामने आता है। सही रोटी या चावल के साथ परोसने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है और पूरा भोजन संतुलित व संतोषजनक बनता है।
नान के साथ
नरम और बटर लगी हुई नान दाल मखनी के साथ सबसे क्लासिक कॉम्बिनेशन मानी जाती है। नान की मुलायम बनावट दाल की क्रीमी ग्रेवी को अच्छे से सोख लेती है, जिससे हर बाइट बेहद स्वादिष्ट लगती है। खास मौकों और मेहमानों के लिए यह कॉम्बिनेशन हमेशा पसंद किया जाता है।
तंदूरी रोटी के साथ
अगर आप हल्का लेकिन रेस्टोरेंट-स्टाइल स्वाद चाहते हैं, तो तंदूरी रोटी दाल मखनी के साथ एक बेहतरीन विकल्प है। तंदूर में पकी रोटी की हल्की स्मोकी खुशबू दाल के स्वाद को और भी खास बना देती है।
पराठा के साथ
सादा या बटर वाला पराठा दाल मखनी के साथ खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है। पराठे की हल्की कुरकुराहट और दाल की गाढ़ी ग्रेवी का मेल पेट भरने वाला और संतोषजनक होता है, खासकर लंच या डिनर के लिए।
चपाती के साथ

अगर आप हल्का और रोज़मर्रा का भोजन पसंद करते हैं, तो साधारण चपाती के साथ भी दाल मखनी बहुत अच्छी लगती है। यह विकल्प स्वाद के साथ-साथ हेल्दी भी माना जाता है और संतुलित आहार के लिए उपयुक्त है।
जीरा राइस के साथ
चावल पसंद करने वालों के लिए जीरा राइस दाल मखनी के साथ एक परफेक्ट कॉम्बिनेशन है। जीरे की हल्की खुशबू और सादे चावल दाल मखनी के रिच और क्रीमी स्वाद को खूबसूरती से बैलेंस करते हैं। यह कॉम्बिनेशन खासतौर पर डिनर के लिए बेहद पसंद किया जाता है।
परोसने का खास तरीका
दाल मखनी को परोसते समय ऊपर से थोड़ा सा ताज़ा क्रीम, मक्खन और हरा धनिया डालें। इससे न केवल इसका स्वाद बढ़ता है, बल्कि दिखने में भी यह और आकर्षक लगती है।
दाल मखनी स्टोर करने के टिप्स
दाल मखनी एक ऐसी रिच और क्रीमी डिश है, जिसका स्वाद अगली बार गर्म करने पर भी बना रहता है, बशर्ते इसे सही तरीके से स्टोर और रीहीट किया जाए। सही स्टोरेज से न केवल दाल सुरक्षित रहती है, बल्कि उसका स्वाद और टेक्सचर भी बरकरार रहता है।
फ्रिज में स्टोर कैसे करें
पूरी तरह ठंडी हो जाने के बाद दाल मखनी को एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रिज में रखें।
सही तरीके से स्टोर करने पर दाल मखनी 1 से 2 दिन तक ताज़ी और खाने लायक रहती है। इससे ज़्यादा समय तक रखने पर इसका स्वाद और क्रीमीपन कम हो सकता है।
ध्यान रखें कि दाल को गर्म अवस्था में सीधे फ्रिज में न रखें, क्योंकि इससे नमी बन सकती है और स्वाद पर असर पड़ सकता है।
दोबारा गर्म करने का सही तरीका
दाल मखनी को दोबारा गर्म करते समय अक्सर यह गाढ़ी हो जाती है, क्योंकि ठंडी होने पर दाल और भी सैट हो जाती है।
ऐसे में इसे सीधे गर्म करने की बजाय:
-
थोड़ा सा पानी या दाल का स्टॉक डालें
-
स्वाद और क्रीमीपन बनाए रखने के लिए थोड़ा मक्खन और क्रीम मिलाएं
-
धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए गर्म करें
इस तरीके से दाल दोबारा बिल्कुल ताज़ी, क्रीमी और स्मूद लगती है।
माइक्रोवेव में गर्म करते समय
अगर आप माइक्रोवेव का इस्तेमाल कर रही हैं, तो दाल में थोड़ा पानी या दूध मिलाएं, ढककर गर्म करें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि दाल समान रूप से गर्म हो जाए और नीचे न लगे।
स्टोर करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
-
दाल मखनी को बार-बार गर्म न करें
-
जितनी ज़रूरत हो, उतनी ही दाल निकालकर गर्म करें
- खराब गंध या स्वाद महसूस हो तो दाल का उपयोग न करें
निष्कर्ष
दाल मखनी सिर्फ एक रेसिपी नहीं, बल्कि पंजाबी स्वाद और परंपरा का प्रतीक है।
अगर आप घर पर रेस्टोरेंट जैसा स्वाद चाहते हैं, तो यह दाल मखनी रेसिपी ज़रूर ट्राय करें।
