भारतीय व्यंजनों में दक्षिण भारत का खाना अपने विशेष स्वाद और पोषण के लिए जाना जाता है। दक्षिण भारत में रसम राइस (Rasam Rice) एक बेहद लोकप्रिय व्यंजन है। यह हल्का, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होता है। खासतौर पर यह व्यंजन पेट को हल्का रखता है और पाचन में मदद करता है।
रसम राइस मुख्य रूप से दक्षिण भारत के घरों में लंच या डिनर के समय बनाया जाता है। इसे बनाने में टमाटर, इमली, मसाले और हर्ब्स का उपयोग किया जाता है। इसे दाल के साथ भी खाया जा सकता है।
रसम राइस क्या है?
रसम राइस वास्तव में रस्सम (Rasam) और चावल का संयोजन है।
- रसम : यह एक पतली सूप जैसी डिश होती है, जो टमाटर, इमली, काली मिर्च, हर्ब्स और मसालों से बनती है।
- राइस: इसे उबले हुए चावल के साथ मिलाया जाता है, जिससे यह हल्का, स्वादिष्ट और पौष्टिक बन जाता है।
रसम राइस का स्वाद तीखा, खट्टा और मसालेदार होता है। इसे दही, पापड़ और कुछ हल्की सब्ज़ियों के साथ परोसा जाता है।

रसम राइस बनाने की सामग्री
मुख्य सामग्री:
- चावल: 1 कप
- पानी: 2–3 कप
- टमाटर: 1–2 मध्यम
- इमली का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच
- काली मिर्च: 1 छोटा चम्मच
- राई (सरसों) और हींग: ½ छोटा चम्मच
- करी पत्ते: 6–7
- हरा धनिया: सजावट के लिए
- हल्का तेल या घी: 1–2 छोटा चम्मच
- नमक: स्वाद अनुसार
रसम मसाला (Rasam Masala):
- धनिया: 1 छोटा चम्मच
- जीरा: ½ छोटा चम्मच
- काली मिर्च: ½ छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर: ½ छोटा चम्मच
- सोंफ (वैकल्पिक): ½ छोटा चम्मच
रसम राइस बनाने की विधि
स्टेप 1: चावल उबालना
- चावल को अच्छे से धोकर 15–20 मिनट पानी में भिगो दें।
- कुकर में चावल डालकर 2 कप पानी के साथ नरम होने तक उबालें।
स्टेप 2: रसम तैयार करना
- एक पैन में हल्का तेल या घी गर्म करें।
- राई और हींग डालें।
- करी पत्ते डालें और कुछ सेकंड भूनें।
- टमाटर डालकर नरम होने तक पकाएँ।
- इमली का पेस्ट डालें और 2 मिनट उबालें।
- रसम मसाला डालें और स्वाद अनुसार नमक डालें।
- 5–7 मिनट तक हल्की आंच पर पकाएँ।
स्टेप 3: चावल और रसम मिलाना
- उबले हुए चावल को प्लेट में निकालें।
- ऊपर से गरम गरम रसम डालें।
- हरा धनिया से सजाएँ।
- गरमागरम सर्व करें।
रसम राइस के स्वास्थ्य लाभ
- पाचन में मददगार:
- रसम में हल्के मसाले और इमली के कारण यह पाचन को सुधारता है।
- पेट भारी नहीं लगता और भोजन जल्दी पच जाता है।
- वजन नियंत्रित रखने में सहायक:
- चावल और हल्की मसालों के साथ बनने वाला यह व्यंजन लो कैलोरी होता है।
- इसे डाइट में शामिल करके वजन नियंत्रित किया जा सकता है।
- इम्यूनिटी बढ़ाता है:
- टमाटर और मसाले जैसे काली मिर्च, हल्दी और धनिया एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं।
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण:
- हींग, हल्दी और काली मिर्च में सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं।
- एनर्जी बूस्टर:
- चावल से कार्बोहाइड्रेट मिलता है और मसालों से शरीर को ऊर्जा मिलती है।
रसम राइस के प्रकार
रसम राइस कई तरह से बनाया जा सकता है। कुछ लोकप्रिय प्रकार हैं:
- टमाटर रसम राइस:
- टमाटर बेस्ड, हल्का खट्टा और तीखा।
- इमली रसम राइस:
- खट्टा स्वाद बढ़ाने के लिए इमली का पेस्ट इस्तेमाल होता है।
- मसाला रसम राइस:
- ज्यादा मसालेदार और तीखा, खासकर दक्षिण भारतीय घरों में।
- दाल रसम राइस:
- मूंग दाल या तोर दाल डालकर पोषण बढ़ाया जाता है।
रसम राइस खाने का सही तरीका
- इसे गरमागरम ही खाएँ, क्योंकि ठंडा होने पर इसका स्वाद कम हो जाता है।
- इसे दही या पापड़ के साथ परोसें, इससे भोजन संतुलित और स्वादिष्ट बनता है।
- छोटे-छोटे बर्तन में सर्व करें, ताकि मसाले और इमली का स्वाद पूरी तरह से चावल में मिल सके।
रसम राइस के लिए टिप्स और ट्रिक्स
- इमली का सही मात्रा में उपयोग करें:
- ज्यादा इमली डालने से स्वाद बहुत खट्टा हो सकता है।
- 1 बड़ा चम्मच इमली का पेस्ट पर्याप्त है।
- रसम मसाला ताजगी से बनाएँ:
- ताजा धनिया, जीरा और काली मिर्च को भूनकर पाउडर बनाना स्वाद बढ़ाता है।
- घी का हल्का प्रयोग करें:
- स्वाद के लिए 1–2 छोटा चम्मच घी पर्याप्त है।
- इसे ज्यादा तेल या घी के बिना भी बनाया जा सकता है।
- चावल का सही पकना जरूरी है:
- चावल नरम और ज्यादा गीला न हो।
- अगर चावल ज्यादा पक जाए तो रसम का पानी ज्यादा सूख जाएगा।
रसम राइस क्यों खास है?
- स्वाद में अनोखा: खट्टा, तीखा और मसालेदार।
- पोषण से भरपूर: टमाटर, मसाले और चावल से प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स मिलते हैं।
- हल्का और पचाने में आसान: पेट भारी नहीं होता।
- डाइट फ्रेंडली: वजन घटाने और डायबिटीज के लिए उपयुक्त।

रसम राइस
रसम राइस के साथ खाने के सुझाव
- दही या रायता
- पापड़
- हल्की सब्ज़ी
- कॉर्न या मूंग दाल की हल्की करी
दक्षिण भारत में रसम राइस की लोकप्रियता
दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में रसम राइस घर-घर में बनाया जाता है।
- तमिलनाडु में इसे अक्सर लंच में स्टीम्ड राइस और सब्ज़ी के साथ खाया जाता है।
- आंध्र प्रदेश में इसे तेल और मसालेदार मूंग दाल के साथ परोसा जाता है।
- केरल में इसे हल्के नारियल के तड़के के साथ सर्व किया जाता है।
स्वास्थ्यवर्धक सुझाव
- सप्ताह में 1–2 बार रसम राइस को डाइट में शामिल करें।
- अगर पेट में गैस या एसिडिटी हो तो कम मसाले डालें।
- लो-सोडियम नमक का प्रयोग करें।
- ताजे हर्ब्स और मसालों का उपयोग स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।
निष्कर्ष
रसम राइस सिर्फ स्वादिष्ट नहीं बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है। यह हल्का, आसानी से पचने वाला और पोषण से भरपूर व्यंजन है।
- पाचन सुधारता है
- वजन नियंत्रित करता है
- इम्यूनिटी बढ़ाता है
- ऊर्जा देता है
- हल्का और संतुलित भोजन
यदि आप अपने भोजन में हल्का, स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन चाहते हैं, तो रसम राइस आपके लिए परफेक्ट विकल्प है। इसे रोजमर्रा के लंच या डिनर में शामिल करें और स्वाद और सेहत दोनों का आनंद लें।
